मौत के ओवरलोडिंग वाहनों का खेल इन दिनों यदि आप हापुड़ की सड़को के होकर निकल रहे हैं तो जरा सतर्क रहिएगा क्योकि पलक झपकते ही कब मौत आ जाये कुछ पता नही । जनपद में एआरटीओ और यातायात विभाग की मिली भगत से सड़कों पर खुलेआम मौत दौड़ रही है जी हां सही सुना आपने एआरटीओ और यातायात विभाग की मिली भगत से भोली भाली जनता की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है इतना ही नही मामला संज्ञान में होने के बाद भी बड़े अधिकारी अपनी आंखें बंद कोई बैठे है हैरानी की बात तो ये है जिन सड़को पर होकर ऐसे ओवरलोड वाहन गुजरते है उस रोडो पर हापुड़ के एसपी संजीव सुमन, एएसपी सर्वेश मिश्रा, डीएसपी राजेश सिंह, यातायात कार्यालय, पुलिस लाइन, सिचाई विभाग का गेस्ट हाउस भी पड़ता है उसके बाबजूद इस ओवरलोड गन्ने के ट्रकों को देखने वाला कोई नही है ऐसा मानो जैसे सब छुट्टी पर गए हो । चलिए अब आपको बताते है कि आखिरकार पूरा मामला क्या है पूरा मामला गन्ने से भरे ओवरलोड ट्रक और ट्रॉलियों का है जिनसे आय दिन कोई ना कोई हादसा होता रहता है कई बार इन ओवरलोड वाहनों के कारण कई लोगो को अपनी जान भी गवानी पड़ी लेकिन उसके बाद भी गन्ने से भरे ओवरलोड ट्रकों और ट्रॉलियों पर कोई कार्रवाई नही की जाती। गन्ने से भरे ओवरलोड ट्रक और ट्रेक्टर ट्रॉलियां खुलेआम सड़को पर दौड़ रही है और एआरटीओ और यातायात विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ऐसे मानो जैसे छुट्टी पर गए हो क्योकि उनको ओवरलोड वाहन दिखाई नही देते और यदि गलती से कोई बिना हेलमेट लगाए दिखाई दे गया या चेकिंग के दौरान उसने कोई कागज नही दिखाया तो उसको रोकर ऐसे उसका चालान कर देते है या पीछे पड़ जीते है जैसे मानो वह दुनिया का डॉन हो और 11 मुल्कों की पुलिस उसकी तलाश कर रही हो लेकिन गन्ने से भरे ओवरलोड मौत के ट्रकों पर एआरटीओ और यातायात विभाग के अधिकारियों का कोई ध्यान नही जाता । जब इस मामले में अधिकारी से बात की गई तो उनका कहना था कि इस बारे में एआरटीओ को लेटर लिखा गया है लेकिन अब देखना ये होगा कि ऐसे वाहनों पर क्या कार्रवाई की जाती है या किसी बड़े हादसे के बाद अधिकारी कुंभकरन की नींद से जागेंगे ।
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